सदा खुशहाल जीवन कैसे जियें ? How to Live A Happily Ever After Life? PART-2
सदा खुशहाल जीवन कैसे जियें ?
How to Live A Happily Ever After Life?
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| Dr. Gunjan Vishwakarma |
PART-2
नमस्कार !
मैं डॉ. गुंजन विश्वकर्मा आप का अपने ब्लॉग पर स्वागत करती हूँ।
अपनी पिछली पोस्ट में सदा 'खुशहाल जीवन कैसे जियें ? How to Live A Happily Ever After Life PART1 (https://foodzfunfacts.blogspot.com/2020/04/how-to-live-happily-ever-after-life.html ) में मैंने आपको अपने आजमाए हुए 7 तरीके बताये थे एक खुशहाल जीवन के लिए। इस भाग में अगले 7 तरीको का वर्णन करने जा रही हूँ, चलिए शुरू करते हैं-
1. अपनी व्यक्तिगत सीमाएं तय कीजिये और 'ना' कहना सीखिए:
व्यक्तिगत सीमाओं का अर्थ है हमें लोगो के हमारे प्रति व्यवहार में क्या स्वीकार्य और अस्वीकार्य है। ये हम स्वयं अपने लिए निर्धारित करते हैं की हमारा दूसरों की नज़रों में क्या मूल्य होना चाहिए. जब हम अपने आप को महत्व देते हैं और अपने प्रति किसी हीन व्यवहार को स्वीकार नहीं करते तो वस्तुतः हम लोगों को सीखा रहे होते हैं की हम अपने साथ किस तरह का व्यवहार चाहते हैं और क्या है जो हम बिलकुल सहन नहीं करेंगे. स्व-मूल्य (सेल्फ-एस्टीम) एक स्वस्थ भावना है और हमें अपनी व्यक्तिगत सीमाओं का आकलन समय समय पर करते रहना चाहिए जिससे किसी भी स्तिथी में और किसी के भी द्वारा हमारे सम्मान का हनन न हो सके.
अगर आप किसी काम को नहीं करना चाहते हैं या आप किसी बात से सहमत नहीं हैं तो ना कहना सीखिए. ना कहने का यह मतलब नहीं है कि आप असभ्य, स्वार्थी या निर्दयी हैं। ना कहने का केवल इतना अर्थ है की आप दूसरों को बता रहे हैं की आप मूल्यवान हैं और किसी भी मुद्दे के बारे में अपनी राय चुन रहे हैं। मैंने सीखा है कि यदि आप अपना जीवन अन्य लोगों के अनुमोदन के आधार पर जीते हैं, तो आप कभी भी स्वतंत्र और वास्तव में खुश महसूस नहीं करेंगे।
2. अपनी प्राथमिकताएं तय कीजिये:
प्राथमिकता तय करने का अर्थ है हर व्यक्ति या काम को एक रैंक देना. वे बातें जिन्हे आप अपने जीवन में अधिक महत्त्व देते हैं, लोग, काम या कुछ और सभी को टॉप टू बॉटम रैंकिंग दीजिये। चीजों को या लोगो को रैंक करने का फ़ायदा यह होगा की आप के पास हमेशा उस काम या व्यक्ति के लिए समय होगा जो आपके लिए सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। प्राथमिकता तय करने से आप प्रत्येक दिन अपने सीमित समय में अधिक उत्पादकता से काम कर पाएंगे. समय का सही प्रबंधन कर पाएंगे और वर्क और पर्सनल लाइफ के बीच अधिक संतुलित रख पाएंगे.
सच्चाई यह है कि हमारे आगे बढ़ने और अपने लक्ष्यों को पूरा करने की हमारी क्षमता अक्सर इस बात पर निर्भर करती है कि हम क्या प्राथमिकता तय करते हैं। एक बार जब आप अपनी प्राथमिकताओं पर स्पष्ट हो जाते हैं, तो आप अपने जीवन विकल्पों को निर्देशित करने वाले बेहतर और तेज़ निर्णय लेने में सक्षम होंगे।
3. अनावश्यक वस्तुओं की छटनी कीजिये:
आपके घर या कार्यस्थल पर नियमित अंतराल पर अनावश्यक वस्तुओं को हटाते रहना आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए आवश्यक है। हमारे रहने और काम करने के स्थान पर अनावश्यक सामान मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। अनावश्यक रखा हुआ सामान हमारे दिमाग में तनाव और चिंता को बढ़ाने का रास्ता हैं। जब आप अपने जीवन से अतिरिक्त सामान को हटाना शुरू करेंगे तो अपने मानसिक स्थिति और समग्र कल्याण पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों को नोटिस करेंगे।
अपने संपूर्ण स्वास्थ्य और खुशी की खातिर, अतिरिक्त सामान हटाने के लिए समय निकालें और होने वाले सकारात्मक परिवर्तनों को देखना शुरू करें।
4. हर जगह को व्यवस्थित कीजिये:
घर या ऑफिस का सामान, पेपर्स, कपडे, जूते , फ़ोन या आपका कंप्यूटर सब जगह से सामान की छँटनी करने के बाद जो जरुरी सामान बचा है उसको बहुत ही व्यवस्थित तरीके से जमा कर रखिये ताकि जरूरत पड़ने पर ढूंढ़ने में समय बर्बाद न करना पड़े, झुंझलाहट न हो।
व्यवस्थित साफ़ सुथरा स्थान पॉजिटिव एनर्जी से लबरेज़ रहता है, दिमागी सुकून देता है, चारों ओर नज़र घूमने पर जब ख़ुशी मिल रही हो तो उत्साह और उत्पादकता दोनों पर सकारात्मक असर साफ़ दिखाई देने लगता है... अपने चारों और नज़र घुमाइए और कहाँ कहाँ सामान को व्यवस्थित करने की जरुरत है बिना देर किये शुरू हो जाइये।
5. नकारात्मकता को दूर भगाइये, सकारात्मकता अपनाइये :
नकारात्मक लोगों के आस-पास होने से आपकी ऊर्जा खत्म हो सकती है । अपने जीवन में नकारात्मक लोगों को पहचानना सीखिए , और उनसे बचने के तरीके खोजिये। आप अपने नकारात्मक विचारों से भी छुटकारा पाने का निरंतर प्रयास करने दीजिये. नकारात्मकता वो घास-फूस है जो ख़ुशी की उन्नत खेती को पनपने नहीं देती। जीवन के हर पहलु से नकारात्मकता नाम की खरपतवार को उखाड़ फेंकिए। आप देखंगे की आपकी ख़ुशी की फसल लहलहाने लगेगी.
हमारे दिमाग में नकारात्मक तरीकों से चीजों को देखने की प्रवृत्ति होती है। इसका मतलब है कि लोग अक्सर सबसे खराब उम्मीद करते हैं।
जो लोग नकारात्मक हैं वे हमेशा सुझावों पर संदेह करते हैं, और किसी भी सलाह को अस्वीकार करते हैं।
क्या आप गिलास को आधा खाली या आधा भरा हुआ देखते हैं? यदि आप सकारात्मक तरीके से सोचना चाहते हैं, तो आप हमेशा ग्लास को आधा भरा हुआ देखेंगे, क्योंकि आप चीजों के उज्ज्वल पक्ष को देख रहे हैं।
लेकिन अगर आप गिलास को आधा-खाली देखते हैं, तो आप उसकी खूबियों के बजाय कांच की कमजोरियों पर ध्यान दे रहे हैं।
जब भी कोई चुनौती सामने आती है, तो एक नकारात्मक व्यक्ति एक नकारात्मक परिणाम की भविष्यवाणी करेगा और हार मान कर बैठ जायेगा । जबकि एक सकारात्मक व्यक्ति एक सकारात्मक परिणाम की ही उम्मीद करेगा और सफल होने की अंतिम क्षण तक कोशिश करेगा। और सोच के इसी अंतर पर निर्भर करता है की आप एक खुशहाल जिंदगी जिओगे या बदहाल।
6. कृतज्ञ बनिए, कृतज्ञता दिखाइए:
"आप कभी भी अपने जीवन में कोई प्रगति नहीं कर सकते, जब तक और जब तक आप पहले से ही अपने पास मौजूद संपत्ति की सराहना नहीं करते!"
जब आप खुश होंगे तब कृतज्ञता जताएंगे, अभी नहीं ! तो याद रखिये शायद आप कभी ख़ुशी हासिल ही न कर पाए... जब आप कृतज्ञता जाहिर करना शुरू करते हैं तभी आप सच्ची ख़ुशी के हक़दार बनते हैं, और इसे पाते हैं। कृतज्ञता एक मीठी भावना है जो आपको लंबे समय तक आपकी खुशी बनाए रखने में मदद कर सकती है। जब तक आप कृतज्ञ होते हैं,तब तक आप तनावग्रस्त, दुखी, उदास नहीं हो सकते। आप केवल खुश ही हो सकते हैं।
7. एक शौक (हॉबी) विकसित करें:
अधिकांश हॉबी में रचनात्मकता का उपयोग होता है। एक रचनात्मक दिमाग अधिक ख़ुशी जेनेरेट करता है ये अब एक साइंटिफिक तथ्य भी प्रमाणित हो चुका है. हॉबी आपके दैनिक जीवन के तनाव को भुला कर ख़ुशी महसूस करने का बहुत आसान तरीका है। हॉबी रखने के कई स्वास्थ्य लाभ हैं और यह दोस्त बनाने, आत्मविश्वास बढ़ाने और आपके करियर के बाहर एक अतिरिक्त कौशल विकसित करने के लिए भी अच्छा है। अपनी हॉबी में मास्टरी करके आप इसे अतिरिक्त आय का जरिया बना सकते हैं या लोगो में अधिक पॉपुलर हो सकए हैं जो बदले में जीवन में अधिक खुशिओं के अवसर लाएगा।
तो देर किस बात की? जल्दी से आज की पोस्ट में बताये हुए बिंदुओं पर काम करने लग जाइये. आप जितना ज्यादा अपने जीवन में अनुसाशन का महत्व समझोगे उतना ही आप एक खुशहाल जीवन के
अधिक नजदीक होंगे. अगली पोस्ट में और सात नए उपाय ले कर आउंगी.
Till Then... Stay Happy! Stay Blessed!
Dr. Gunjan Vishwakarma
https://youtu.be/5c43cL8N8YA

Thankyou dee💝
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